कुकरू खामला, बैतूल/ Kukru Khamla, Betul

बैतूल जिले के भैंसदेही तहसील के अंतर्गत आने वाली सतपुड़ा पर्वत माला में कुकरू खामला स्थित है, जो की जिला मुख्यालय से लगभग 92 किमी दुरी पर स्थित है। इस क्षेत्र में सतपुड़ा की पहाड़ियों फैली हुई है, कुकरू बैतूल जिले की सबसे ऊँची चोटी में से है।

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सतपुड़ा का बहुत सा हिस्सा बैतूल जिले में आता है इसलिए बैतूल को सतपुड़ा की रानी भी कहते है।

इस पहाड़ी और जंगली क्षेत्र में कोरकू जनजाति मुख्य रूप से निवास करती है, इसलिए इस क्षेत्र को कुकरू के नाम से जाना जाता है।

शहर से दूर घने जंगल और पर्वतीय क्षेत्र में कोरकू जन जाती के लोग शांतिपूर्वक रहते निवास करते है,

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यहाँ स्थित गांव की जनसँख्या लगभग 400 से 500 है जिनकी जीविका मुख्य कृषि कार्य  और पशुपालन पर आधारित है।

अधिक उचाई पर होने के कारण इस क्षेत्र में तेज हवाएं चलती है, यह स्थान समुद्र तल से लगभग 1137 मीटर की उचाई पर स्थित है। यहाँ उगते और डूबता सूरज का नजारा बहोत ही अद्भुत होता है,

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मध्य भारत में यह एक मात्र स्थान है जहां पर कॉफी के बागान है।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर सतपुड़ा पहाड़ी क्षेत्र का आखरी कोना है, यहाँ स्थान चारो तरफ घने जंगलो से घिरा हुआ है यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है।

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यहाँ का वातावरण बहोत ही शांत होता है मंद मंद चलती हवाएं एक अलग अहसास कराती है, यदि मध्यप्रदेश का हिल स्टैशन पचमढ़ी है तो यह भी उस से कुछ कम नहीं है।

बरसात के मौसम में यहाँ के जंगल में हरियाली चादर छा जाती है जिस से इसकी सुंदरता में चार चाँद लग जाते है।

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यदि इस स्थान पर यदि कुछ समय बिताया जाये तो, यह जरूर तरो ताजा कर सकता है। कुकरू बैतूल के मुख्य स्थानों में गिना जाता है जहा अक्सर लोग जाना पसंद  करते है

कुकरू एक बहोत ही अच्छा प्राकृतिक स्थान है, यहाँ से पास में देखने लायक धारकोरा वाटरफॉल, कुछ ही किलोमीटर की दुरी पर है साथ ही यहाँ आने पर मुक्तागिरी सिद्ध जैन मंदिरो के दर्शन करने भी जा सकते है।

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कभी जंगलो के बीच हसीन रास्तो पर सफर करने की चाहत है तो यहाँ ले के जाने वाला रास्ता कुछ ऐसा ही है।

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बरसात के समय यहाँ बदलो का डेरा होता है जिससे यहाँ पर सामान्य से अधिक बारिश होती है। ठण्ड के दिनों में यहाँ का तापमान बहोत कम होता है साथ ही घनघोर कोहरा छाया रहता है।

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समुद्र की सतह से अधिक उचाई पर होने के कारण यहाँ पर तेज हवाएं चलती है इसलिए यहाँ पर अनेक विशाल पवन चक्किया लगाई गई है

जो पवन ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है साथ ही ये इस स्थान की खूबसूरती बढ़ती है।

व्यू पॉइंट और बुच पॉइंट/ View Point and Butch Point

यहाँ के आकर्षण के केन्द्रो में मुख्य रूप से व्यू पॉइंट आता है जहा से यहाँ की खूबसूरत वादियों और तेज चलने वाली हवाओ का आंनद ले सकते है।

पूछ पॉइंट इस क्षेत्र का सबसे उच्चा स्थान है जहा से सूर्योदय और सूर्यास्त का बहोत ही अच्छा नजारा देखने मिलता है।

कॉफी के बागान/ Coffee plantations

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आम तौर पर कॉफी के बगोनो की कोई अलग विषेशता नहीं होती लेकिन यहाँ मध्यभारत के एक मात्रा कॉफी बागान है इसलिए यह अपने आप में खास है। 

इस स्थान का वातावरण इस प्रकार के कॉफी की फसल उगने के लिए उपयुक्त है। वैसे भी सर्दी के दिनों में यहाँ का मौसम बहोत ही ठंडा होता है। 

कुकरू जाने का सही समय/ Best time to visit Kukru

वैसे तो यहाँ लोग हमेशा एक दिन की छुट्टिया मनाने जाते है, लेकिन यहाँ जाने का सबसे सही समय जुलाई से जनवरी तक का होता है।

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बरसात के दिनों में यहाँ की हरियाली और ठण्ड के दिनों में यहाँ छाने वाला कोहारा एक अलग अनुभव दिलाता है।

कैसे पहुंचे कुकरू खामला/ How to reach Kukru Khamla

बैतूल मुख्य रूप से रेल सेवा और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है।

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कुकरू जाने के लिए बस सेवाएं उपलब्ध है जो की भैंसदेही होते हुए जाती है, इसलिए यहाँ पहुंचना और भी आसान हो जाता है।

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गुलशन लहरपुरे
अरुण कुमार धोटे
अरुण गावंडे
अनुराग डोंगरे
राहुल किनकर

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